युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के कभी दिग्गज ऑल राउंडर खिलाड़ी रहे हैं. साल 2011 में जब भारतीय टीम दूसरी बार विश्व चैम्पियन बनी तो युवराज का इसमें अहम योगदान रहा. उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से टूर्नामेंट में कमाल दिखाया था. अपने 17 साल के लम्बे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में वह कई कप्तानों के अधीक खेले. अब उन्होंने खुलासा किया है कि उनके लिए सबसे अच्छा कप्तान कौन साबित हुआ.

38 साल के युवराज सिंह ने सौरव गांगुली की कप्तानी के दिनों को याद किया है. उनका कहना है कि मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली की कप्तानी को वह ज्यादा याद करते हैं.

स्पोर्ट्सस्टार से एक इंटरव्यू के दौरान युवराज ने कहा कि मैंने सौरव गांगुली की कप्तानी में खेला है और उन्होंने मेरा बहुत सपोर्ट किया. मेरे पास सौरव की कप्तानी की अधिक यादें हैं, क्योंकि उन्होंने मेरा समर्थन किया. मुझे माही और विराट से इस तरह का सपोर्ट नहीं मिला.

युवराज ने बताया कि उन्हें मुरलीधरन के खिलाफ मशक्कत करनी पड़ती थी. तब उन्हें सचिन तेंदुलकर ने स्वीप शुरू करने के लिए कहा था. जिसके बाद उन्हें मुरली के खिलाफ खेलना आसान हो गया था.

युवराज ने ये भी माना कि उन्हें ग्लेन मैकग्रा की गेंदें भी ज्यादा परेशान करती थीं. वहीं अपनी यादगार परियों के बारे में बताते हुए कहा कि बेंगलुरु में 169 रनों की पारी(2007 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच, जिसमें भारत ने 61 रनों पर 4 विकेट गंवा दिए थे) और विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के क्खिलाफ़ 57 रन. उन्होंने कहा कि ये परियां दबाव में आई थीं, साथ ही छक्के(स्टुअर्ड ब्रोड के खिलाफ) बहुत यादगार रहे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here