पंचायत चुनाव को लेकर नए सिरे से आरक्षण जारी किया गया है. लेकिन यह आरक्षण लोगों को रास नहीं आ रहा है. पहले आरक्षण के बाद चुनाव की तैयारी कर चुके लोगों का गणित बिगड़ा तो वह अब आपत्ति दर्ज करा रहे हैं. उनका दावा है कि उनकी ग्राम पंचायत का आरक्षण सही नहीं हुआ है.

लोग आपत्तियों की जांच कर सही आरक्षण जारी करने की मांग कर रहे हैं. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पहले जारी किया गया आरक्षण रद्द होने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर नए सिरे से आरक्षण जारी किया गया है. इस बार वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण तैयार किया गया.

आरक्षण पर आपत्तियां दर्ज कराने का मंगलवार को अंतिम दिन है. मंगलवार की शाम पांच बजे तक आपत्तियां दर्ज की जाएंगी. इसके बाद आपत्तियों को एक जगह एकत्र कर इनका निस्तारण किया जाएगा. 24 व 25 मार्च को आपत्तियों का निस्तारण होना है. इसके बाद फाइनल आरक्षण जारी किया जाएगा.

आरक्षण जारी होने के बाद सबसे ज्यादा आपत्तियां ग्राम पधान की सीटों पर आ रही हैं. प्रधान बनने के लिए चुनाव की तैयारी कर चुके संभावित उम्मीदवारों का जब आरक्षण बदला तो अब वह आपत्तियां दाखिल कर रहे हैं. कई आपत्तिकर्ताओं ने बताया कि उनकी सीट वर्ष 2000 से अब तक किन-किन वर्ग के लिए रही है. उनके हिसाब से सीट क्या होनी चाहिए यह भी बता रहे हैं. आपत्तियां ब्लॉक, जिला पंचायत कार्यालय में भी पहुंच रही हैं.

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