दृढ इच्छाशक्ति और जीने का एक अलग जुनून अगर आपमें है तो यकीन मानिए आपकी जिंदगी एक ऐसे पथ पर दौड़ पड़ेगी जहां आपको शुकून और सम्मान मिलेगा. उन्नाव के बीघापुर तहसील के एक गांव की रहने वाली दिव्यांग बेटी नूपुर के हौसले को देख हर कोई प्रभावित हुआ जब वह टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में पहुंची और 12.50 लाख रूपये जीतकर अपने जिले का नाम रोशन किया.

दिव्यांग नूपुर ने अपनी कमजोरी को ताकत बनाया और एक अलग मुकाम पर पहुंच गयीं. जब अमिताभ बच्चन ने नूपुर से पूछा कि वह जीती हुई धनराशि का क्या करेंगी तो नूपुर ने घर बनवाने की इच्छा जाहिर की.

नूपुर के पिता रामकुमार किसान हैं और उनकी माँ कल्पना गृहणी हैं. नूपुर बचपन से ही दिव्यांग हैं. हालांकि नूपुर ने बताया कि जब उनका जन्म हुआ तो डॉक्टर ने उन्हें मृ’त घोषित करते हुए फेंक दिया था. बाद में किसी तरह परिजनों ने उन्हें वापस लिया और पाया कि वह जीवित थीं. अपनी अपंगता की वजह वह डॉक्टर की लापरवाही भी बताती हैं.

नूपुर ट्राईसाइकिल पर नहीं बैठती हैं. उन्हें अब तक तीन ट्राईसाइकिल मिलीं जिन्हें उन्होंने दूसरे जरुरतमंदों को दे दिया. इसकी वजह नूपुर ने बताई कि उन्हें लगता है कि अगर वह ट्राईसाइकिल पर बैठीं तो खड़ी नहीं हो पाएंगी. नूपुर ने अपना पहला कदम 8 साल और 3 महीने में रखा था.

नूपुर का कहना है कि निशक्त होने के बाद भी उन्होंने खुद को एक सामान्य इंसान की तरह ही महसूस किया. स्कूल और कॉलेज में कभी आरक्षण कोटे का लाभ नहीं लिया. बीएड की पढ़ाई में भी उन्होंने इसका लाभ नहीं उठाया. हालांकि आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें दूसरे वर्ष में पढ़ाई छोड़नी पड़ी.

वह अब अपने कानपुर स्थिति ननिहाल में रहकर कोचिंग चला रही हैं और कक्षा 10 तक के बच्चों को पढ़ा रही हैं. वहीं नूपुर के केबीसी में 12.50 रूपये जीतने पर उनके परिवार वालों को लोग बधाईयाँ दे रहे हैं. नूपुर के माता पिता भी इससे काफी खुश हैं.

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