दिल्ली में निजामुद्दीन में तबलीगी मरकज में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. इनमें से 24 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. कई अन्य में भी लक्षण देखे गए हैं. जिसकी जानकारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने मंगलवार को दी थी. इस बीच प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने बयान जारी किया है.

प्रसपा मुखिया शिवपाल ने कहा कि लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली में निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी मरकज में मौजूद 24 लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमण की आशंका गहरा गयी है. अब आवश्यक है कि जमात में शामिल विभिन्न राज्यों में वापस लौटे लोग स्वयं को सेल्फ क्वारंटाइन करें और प्रशासन को इसकी सूचना दें.

तबलीगी जमात के आयोजन में उत्तर प्रदेश के 157 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है. लखनऊ पुलिस व प्रशासन को इसकी सूची उपलब्ध कराई गयी जिसमें पहले लखनऊ के 15 लोग होने की बात सामने आई, लेकिन फिर पड़ताल में ये संख्या 27 पहुंच गयी. जिसके बाद कमिश्नर मुकेश मेश्राम, पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय ने तीन टीमें बनायी जिन्हें सामने आए लोगों के इलाके में भेजा गया.

एसीपी आईपी सिंह ने बताया है कि कुछ लोग इस बात से इनकार कर रहे हैं कि वह दिल्ली गए थे. कई लोगों की भाषा भी नहीं समझ में आ रही है. लेकिन, सभी लोग 13 से 15 मार्च के बीच लौटे हैं. इससे मालूम होता है कि सभी वहां शामिल होने गए थे. उन्होंने कहा कि दिल्ली से ब्यौरा मिलने के बाद पूरी तरह से साफ़ हो जाएगा कि ये लोग शामिल हुए थे अथवा नहीं.

एडीसीपी दिनेश पुरी ने बताया कि नमूने लेकर जांच करायी गयी है. जिनकी रिपोर्ट आई है उनमें कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है. इन्हें क्वारंटाइन किया गया है. एडीसीपी के मुताबिक कैसरबाग में गुइन रोड स्थित मरकज वाली मस्जिद और उनके पास, मडियांव व काकोरी में टीमें गयी थीं. कैसरबाग में 6, माडियांव में सात, काकोरी में आठ, गुइन रोड के पास 6 लोग मिले जो दिल्ली से लौटे थे. जिनकी जांच कराई गयी है.

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