अयोध्या में बीते 500 सालों से चला आ रहा रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खत्म हो गया. राम मंदिर का शिलान्यास होने के बाद अब सुन्नी वक्फ बोर्ड 5 एकड़ जमीन में अस्पताल, लाइब्रेरी, रिसर्च सेंटर और सामुदायिक रसोईघर बनाने जा रहा है.

सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने शनिवार को बताया कि सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद धन्नीपुर गांव में मिली पांच एकड़ जमीन पर अस्पताल, लाइब्रेरी, रिसर्च सेंटर और सामुदायिक रसोईघर बनाया जाएगा. ये सभी चीजें आम जनता की सुविधा के लिए होंगी.

अतहर हुसैन ने कहा कि इसके शिलान्यास के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को न्यौता दिया जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया है कि सीएम इस कार्यक्रम में जरूर शिरकत करेंगे और सहयोग भी करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का काम जनता को सहूलियत देने का होता है, यहां पर जो भी चीजें बनेंगी वो भी जनता की सहूलियत के लिए ही होंगी.

बता दें कि हाल में ही एक टीवी चैनल के साक्षात्कार में जब सीएम योगी से पूछा गया कि क्या वो मस्जिद के शिलान्यास कार्यक्रम में जाएंगे तो उन्होंने जवाब दिया कि न तो कोई वहां मुझे बुलाएगा और न ही मैं वहां जाऊंगा.

उन्होंने कहा था कि अगर आप बतौर मुख्यमंत्री मुझसे ये पूछ रहे हैं तो मुझे किसी धर्म या समुदाय से कोई पहरेज नहीं है. मगर यदि आप एक योगी की हैसियत से पूछ रहे हैं तो मैं हरगिज वहां नहीं जाऊंगा. सीएम ने कहा कि न तो मैं वहां का वादी हूं और न ही प्रतिवादी. इसलिए मुझे निमंत्रण नहीं मिलेगा.

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