कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एक ऐसा बयान दिया है कि उनकी ही पार्टी कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी हो गयी हैं. उनके इस बयान से पार्टी को अगले लोकसभा चुनाव में नुकसान भी उठाना पड़ सकता है.

गुरुवार को एक इन्टरव्यू के दौरान शीला दीक्षित ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बेहतर बताया है. हालांकि इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी के ज्यादातर काम राजनीतिक लाभ उठाने के लिए होते हैं.

दरसल जब इन्टरव्यू में शीला दीक्षित से 26/11 हमले में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के स्टैंड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह आतंकवाद से लड़ने में उतने मजबूत नहीं थे जितने अब के पीएम हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने इस बयान के सामने आने के बाद इस पर सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ उतना बड़ा कदम नहीं उठाया जितना पीएम मोदी उठा रहे हैं. कहा कि मेरे बयान को दूसरी तरह से पेश किया जा रहा है.

शीला दीक्षित यही बयान नहीं बल्कि एक और अपने बयान को लेकर वह आज चर्चा में रही हैं. लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको एक ऑडियो में दिल्ली के कार्यकर्ता रायशुमारी से बात कर रहे हैं कि आप के साथ पार्टी गठबंधन होना चाहिए या नहीं. जब इस बारे में शीला दीक्षित से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है और न ही ऐसी कोई राय उनसे ली गयी है.

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