कोरोनाकाल में जेईई और नीट की परीक्षा के फैसले का विरोध कर रहे समाजवादी पार्टी छात्र सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आज फिर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इस दौरान कई नेता और कार्यकर्ता बुरी तरह से घायल हो गए कई की हालत गंभीर बताई जा रही है.

अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोना काल में परीक्षा कराने के विरोध में उतरे सपा के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज नहीं खूनी हमला हुआ है. सत्ताधारी अपना दम्भ त्यागकर नौजवानों की मांग सुने. ये जनतंत्र है, मनतंत्र नहीं.

समाजवादी छात्र सभा के निर्वतमान अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ‘देव‘ के नेतृत्व में जब छात्र हितों के मुद्दों को लेकर सैकड़ों नौजवान प्रदेश की राज्यपाल महोदया को ज्ञापन देने जा रहे थे, गौतमपल्ली थाने के पास उन पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया.

पुलिस ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अवनीश यादव, मनोज दुबे, जगराम पासवान, अमित कुमार, हिमांशु पुरैनी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस लाठीचार्ज से एक दर्जन युवा नेता घायल हुए है. इनमें वाराणसी के छात्रनेता महेश यादव एवं सिद्धार्थ नगर के मोनू दुबे की हालत गम्भीर है.

समाजवादी छात्र सभा के ज्ञापन में मांग की गई कि नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रतियोगी तथा स्नातक, परास्नातक की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं स्थगित की जाय. छात्रों पर फीस जमा करने के लिए दबाव न बनाएं और उस कारण परीक्षाफल न रोका जाय.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here