राम मंदिर: अमित शाह के सामने आरएसएस का ऐलान, सुप्रीम कोर्ट जल्द करे सुनवाई नहीं तो होगा…

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राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर आरएसएस ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. मुबई के पास उत्तन में चल रहे आरएसएस के तीन दिवसीय शिविर के आखिरी दिन संघ के महासचिव भैया जी जोशी ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो राम मंदिर निर्माण के लिए एक बार फिर 1992 जैसा आंदोलन किया जाएगा. शिविर के समापन के मौके पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी वहॉ पहुॅचे और संघ प्रमुख मोहन भागवत से उन्होंने मुलाकात भी की.

इस मुलाकात में आगामी चुनाव और राम मंदिर के मुद्दे पर चर्चा की अटकलें लगाई जा रही हैं. यह मुलाकात इस लिए भी अहम है क्योंकि संघ, मोदी सरकार पर 2019 से पहले मंदिर निर्माण के अपने वादे पूरा करने को लेकर लगातार दबाव बना रहा है. संघ नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि इस मामले पर जल्द सुनवाई करके कोर्ट को अब अंतिम निर्णय सुना देना चाहिए. उन्होंने कहा कि राम सब के मन में रहते हैं मगर प्रकट मंदिरों से ही होते हैं, हम चाहते हैं कि भव्य राम मंदिर बने, कोर्ट को भी हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय करेगा.

बता दें कि 6 दिसंबर 1992 को लाखों कारसेवकों ने विवादित ढ़ांचे को ढहा दिया था. उस घटना के बाद सरकार ने हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने गोली चला दी थी जिसमें कई कारसेवकों की मौत हो गई थी, उसके बाद पूरे देश में सांप्रदायिक दंगे हुए थे जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि हुई थी. इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट अपना फैसला पहले ही सुना चुका है. अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है जिसपर सुनवाई चल रही है.

राम मंदिर भाजपा के एजेंडे में हमेशा रहा है, हर चुनाव में बीजेपी राम मंदिर मुद्दा उठाती है. अब एक बार फिर जब 2019 लोकसभा चुनाव नजदीक हैं तो यह मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया है. भाजपा सांसद राकेश सिन्हा तो अगले संसद के आगामी सत्र में प्राइवेट मेंबरशिप बिल लाने की बात कह चुके हैं.

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