सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों की वापसी पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनकी नाराजगी को स्वाभाविक बताया है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब सब मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा कि जिस रूप में यह एपिसोड हुआ उन्हें इतने दिन होटलों में रहना पड़ा उनकी नाराजगी स्वाभाविक है.

गहलोत ने कहा कि मैंने उन्हें समझाया है कि देश-प्रदेश व प्रदेशवासियों के लिए और लोकतंत्र को बचाने के लिए कई बार हमें सहन भी करना पड़ता है.

उन्होंने कहा कि हम सब आपस में मिलकर काम करेंगे, जो हमारे साथी चले गए थे वे भी वापस आ गए हैं मुझे उम्मीद है कि सब गिले-शिकवे दूर कर सब मिलकर प्रदेश की सेवा करने का संकल्प पूरा करेंगे.

क्या बोले सचिन पायलट?

इससे पहले वापसी पर सचिन पायलट ने कहा कि राहुल और प्रियंका ने हमारी आपत्तियां दूर करने के लिए रोडमैप तैयार करने का भरोसा दिया है. हमने जो मुद्दे रखे थे, उनके समाधान के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बनाई गयी है.

वहीं अशोक गहलोत द्वारा सचिन पायलट को लेकर दिए गए बयानों पर पायलट ने कहा कि मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन मुझे भी काम के मुद्दे उठाने का हक है. मैंने अपने परिवार से कुछ मूल्य सीखे हैं.

मुद्दा यह नहीं कि मैं किसी आदमी का कितना विरोध करता हूं, लेकिन इस तरह की भाषा इस्तेमाल नहीं करता. सार्वजानिक तौर पर बोलते वक्त एक लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए. राजनीति में निजी दुश्मनी की कोई जगह नहीं होती.

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