राफेल के मुद्दे पर मोदी सरकार की मुश्किले बढ़ीं, सुप्रीम कोर्ट ने पूछी कीमत तो कहा नहीं…

0

राफेल के मुद्दे पर मोदी सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. संसद से सड़क तक उठा ये मसला सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुॅच गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण शौरी, यशवंत सिन्हा और प्रशांत भूषण की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी जिसमें राफेल खरीद के मामले में जॉच करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी.

याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस यू यू ललित, जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने बुधवार को सरकार से कहा कि राफेल की कीमत की जानकारी हमें सीलबंद लिफाफे में दी जाए. भारत सरकार के महाधिवक्ता की ओर से कहा गया कि कीमतें गुप्त हैं, न्यायालय ने कहा है कि सरकार यह बात शपथ पत्र के माध्यम से कहे. अब देखना यह है कि सरकार का अगला कदम क्या होगा.

अरूण शौरी का कहना है कि सरकार के लिए शपथ पत्र पर यह बात कहना बहुत मुश्किल हो सकता है. इस सुनवाई में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की ओर से दाखिल एक अन्य याचिका को भी शामिल किया गया है. बीते कुछ समय से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, भारत और फ्रांस की सरकार के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान की खरीद में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं.

संसद से सड़क तक राहुल हर जगह इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं. राहुल का आरोप है कि पीएम मोदी ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को फायदा पहुॅचाने के लिए यूपीए सरकार के समय हुई पुरानी डील को रद्द करके नई डील की है.

हालांकि मोदी सरकार बार-बार ये कह रही है कि डील नियमों के मुताबिक ही हुई है और इसमें किसी तरह का कोई भ्रष्टाचार नहीं है, विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और वो सरकार को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगा रही है. अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है और उसी को ये तय करना है कि सच कौन बोल रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here