प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस और देश में जारी लॉकडाउन की स्थिति पर चर्चा को लेकर 27 अप्रैल को सुबह देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवादे करेंगे. इस बैठक से पहले कांग्रेस शासित राज्य के मुख्यमंत्रियों ने अपने तेवर दिखाए हैं. गुरुवार को कांग्रेस की सीडब्लूसी की बैठक में उन्होंने कई बातें कहीं.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई इस बैठक में पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री ने केंद्र से वित्तीय पैकेज की मांग की बात कही. उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार राज्यों का सहयोग नहीं करती है तो कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो जाएगी.

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्यों की वित्तीय सहायता करने के लिए आगे नहीं आयेगी तो लॉकडाउन के बाद राज्यों हालात कैसे सामान्य हो पाएंगे. उन्होंने इलाज के संसाधनों-जांच किट, पीपीआई किट, वेंटीलेटर और अन्य संसाधन खरीदकर राज्य को देने की मांग की.

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बैठक में कहा कि पंजाब को चीन से आई केवल 10 हजार रैपिड टेस्ट किट मिलीं. जबकि इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस किट की प्रमाणिकता साबित होनी अभी बाकी है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी भी जीएसटी की मदद का 4.4 हजार करोड़ रुपया नहीं जारी किया है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दूसरे राज्यों में फंसे छात्रों और प्रवासी मजदूरों को चिंता का विषय बताया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस बार नीति बनानी चाहिए लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण वह इस पर चुप है.

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने भी राज्य को सहायता न मिलने की बात कही. उन्होंने कहा कि हम दुश्मन नहीं हैं और हमें मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जीएसटी के 600 करोड़ और वित्त आयोग से मिलने वाले 2200 करोड़ रूपये अभी तक केंद्र सरकार ने नहीं दिए हैं.

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