सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को भाजपा नेतृत्व ने परेशानी में ड़ाल दिया है. भाजपा के खिलाफ बोलने वाले राजभर को इस नयी परेशानी से निपटने में अपना मंत्री पद के साथ-साथ विधायक के पद को भी गंवाना पड़ सकता है.

अमित शाह ने कही ये बातः

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ओमप्रकाश राजभर से कहा कि सुभासपा के लिए एक सीट तब ही छोड़ी जा सकती है, जब उस सीट से चुनाव लड़ने के लिए राजभर ही राजी हो. राजभर, पिछले काफी समय से गठित सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने का दबाव भाजपा पर बना रहे थे.

घोसी सीट देने के लिए हुई पार्टी राजी, लेकिन फंसा ये पेंचः

राजभर कम से कम एक सीट की मागं कर रहे थे, तो भाजपा की ओर से कहा गया कि हम आपको एक सीट देने के लिए राजी है, लेकिन घोसी से आपको ही चुनावी मैदान में उतरना होगा.

जाहिर है कि अगर उन्होने इस सीट पर लड़ने की बात कही तो उनको आने वाले समय में विधायक पद के साथ मंत्री पद को भी छोड़ना पड़ सकता है, जिसके बाद उनके साथ असमंजस की स्थिति बनी हुई है. अभी तक पार्टी की ओर से इस पर कोई भी रिप्लाई नहीं दिया गया है.

संजय निषाद लड़ सकते है गोरखपुर सेः

हाल ही में भाजपा गठबंधन में शामिल हुई निषाद पार्टी को भी एक सीट देने का वादा किया गया है, जिस पर पीएम मोदी के साथ मंथन करने के बाद निषाद पार्टी को कौन सी सीट दी जाए, इस पर मुहर लगाई जा सकती है.

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