13.85 लाख लोगों ने किया 11000 करोड़ का घोटाला, एक आरटीआई से हुआ खुलासा

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2014 में चुनावी अभियान में भाजपा की प्रत्येक रैली में अच्छी सरकार, मजबूत कानून ब्यवस्था, अच्छे दिनों का वादा लेकर सरकार आई थी. काले धन को विदेश से लाने का प्रमुख मुद्दा भी सरकार के लिए फेल हो गया है.

मोदी सरकार में एक एक करके खुलते बैंक घोटालों ने देश की जनता का भरोसा तोडा है, नीरव मोदी से लेकर माल्या तक बैंक से कर्ज लेकर देश से बाहर जाने में सफल हो गए. इतने बड़े पैमाने पर कर्जदार निकल कर सामने आये, पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में तो बैंक ही डूबते हुए बचे.

इस समय आरटीआई के माध्यम से एक खुलासा हुआ है जिससे मोदी सरकार पर एक और दाग लग गया है, मोदी सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना मुद्रा योजना जिसका सर्कार ने खूब प्रचार प्रसार किया था.

इसमें मध्यमवर्ग, गरीब तबके के लोग जो ब्यापार करना चाहते है, लेकिन उनके पास पैसों का अभाव है, उनके लिए इस योजना के माध्यम से लोन की ब्यवस्था की गयी है.

इस योजना के माध्यम से 13.85 लाख लोगों द्वारा लिए गए 11000 करोड़ बैड लोन में तब्दील हो गए है. इस योजना में बैंक कम ब्याज दरो पर आवेदक को रकम मुहैया कराता है, उसके बाद वह अपने ब्यापार से पैसा अर्जित कर लोन चुकाने में मदद करता है, लेकिन आवेदक ने अपने ब्यापार में किसी प्रकार का धन ही नहीं अर्जित नहीं किया.

इसके चलते वह पैसा लौटाने में असफल ही नजर आ रहे है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार की इस योजना में भी सरकार का ये पैसा डूबता हुआ नजर आ रहा है.

‘द सन्डे स्टैण्डर्ड’ की खबर के मुताबिक एक आरटीआई से पता चला है कि बैंक द्वारा लिए गए 11000 करोड़ के लोन बैड लोन में तब्दील हो गए है.

 

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