लखनऊ में लॉकडाउन में आधी रात को बीच सड़क पर अपने दोस्तों के साथ इंस्पेक्टर को गप्प लड़ाना भारी पड़ गया. एक महिला सिपाही ने उनकी जमकर क्लास लगा दी. महिला सिपाही ने नियमों का हवाला देते हुए एक साथ खड़े न होने की नसीहत दी और घर भेज दिया.

इस दौरान दरोगा ने अपनी गलती स्वीकारी और महिला सिपाही को अपना परिचय दिए बिना ही क्षमा मांगी. इस घटना को आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा ने साझा किया है. उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर साहब अपने कुछ मित्रों के साथ रविवार के लॉकडाउन में रात दस बजे गपड पंचायत कर रहे थे.

तभी वहां एक अकेली महिला कांस्टेबल प्रीति सरोज स्कूटी से पहुंचती हैं और सबकी बढ़िया क्लास लगा दी. ये सभी 5-6 लोग मैडम की क्लास सुनते रहे और सॉरी के अलावा कोई शब्द नहीं था.

इस बीच सभी मित्र दरोगा जी की ओर देख रहे थे और दरोगा जी एक्स्ट्रा डांट खाए. आगे उन्होंने बताया कि सबने मैडम को सॉरी कहा और मैडम ने अपनी स्कूटी स्टार्ट की और चली गयीं. नवनीत सिकेरा ने कहा कि प्रीति ने सबको लॉकडाउन के नियम के प्रति चेताया हड़काया पर कोई अपशब्द नहीं कहा. यही आदर्श तरीका होता है पुलिस की ड्यूटी करने का.

उन्होंने दरोगा व उनके साथियों के विनम्रता की भी सराहना की कि उन सभी ने अपनी गलती मानी और अपना बिना परिचय दिए ही सॉरी कहा.

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