शिवराज के साले के बाद पूर्व सीएम की बहू हो सकती हैं कांग्रेस में शामिल

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मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे है, सभी पार्टियां लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए अपना जोर शोर से प्रचार प्रसार करने में जुटी हुई है. ये चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए लिटमस टेस्ट है, इसमें जो पास होगा उसके लिए 2019 चुनाव के बादल छंटते हुए नजर आयेंगे.

मध्यप्रदेश में पहली सूची जारी होने के बाद से ही भाजपा में बगावती सुर दिखाई देने लगे रहे है. पूर्व सीएम रहे बाबूलाल गौर ने भाजपा को घेरने की पूरी कोशिश में जुटे हुए है, इसीलिए उन्होंने समर्थकों के साथ रणनीति बनानी भी तैयार कर दी है. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा उन्हें टिकट नहीं देती है तो वह निर्दलीय चुनाव लड़कर मैदान में ताल ठोकते हुए नजर आ सकते है.

बाबूलाल गौर अपनी पारंपरिक सीट गोविन्दपुरा सीट से अपनी बहू कृष्णा गौर के लिए टिकट चाहते है. गौर इस सीट से लगातार 10 बार विधायक रह चुके है. उन्होंने इस सीट से पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़ा था. कहा कि इस सीट पर भी कुछ लोग नहीं चाहते कि मेरी बहू को यहाँ से टिकट दिया जाए.

आरोप लगाया कि वहां के कुछ नेता मेरी बढती उम्र को लेकर और परिवाद के खिलाफ भाजपा को भड़काने की कोशिश करते हुए टिकट पाना चाहते है, बता दे कि अभी तक इस सीट के लिए भाजपा ने किसी प्रत्यासी को फ़ाइनल नहीं किया है. वहीँ कयास लगाए जा रहे है कि यहाँ से भी गौर परिवार का टिकट कट सकता है.

इसके बाद से ही बाबूलाल गौर ने टिकट न मिलने पर दोनों के लिए निर्दलीय मैदान बिछाना तैयार कर दिया है, उन्होंने भाजपा को चेतावनी दी है कि वह अगर यहाँ से भी उनकी बहू का टिकट काटती है तो वह कहीं जाने के लिए स्वतंत्र है.

कांग्रेस में जाने को लाकर सवाल किया गया तो उन्होने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने पाने पाले में करने की कोशिश की है लेकिन मैं किसी भी पार्टी में नहीं जा रहा हूँ, वहीँ बहू पर बोला की ये उनके निजी विचार है वह कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र है.

तभी से ये कयास लगाए जा रहे है अगर भाजपा ने इस सीट से उनकी बहू को टिकट नहीं दिया तो वह कांग्रेस का दामन थाम सकती है.

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