हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार में महागठबंधन से अलग होने का फैसला ले लिया है. मांझी के इस फैसले से महागठबंधन को तगड़ा झटका लग सकता है. मांझी का अगला कदम क्या होगा ये अभी तय नहीं हुआ है.

जीतन राम मांझी लगातार महागठबगंधन से नाराज चल रहे थे, वो बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन के सभी दलों की संयुक्त कमेटी बनाने और सीट बंटवारे का फार्मूला तय करने की मांग कर रहे थे मगर महागठबंधन के दोनो बड़े दल राजद और कांग्रेस ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया. माना जा रहा है कि इन्हीं वजहों से नाराज होकर उन्होंने महागठबंधन से अलग होने का फैसला ले लिया.

पार्टी प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि महागठबंधन में राजद की दादागिरी चल रही है, राजद ने हमारी पार्टी का बहुत अपमान किया है. अब और नहीं. मांझी की पार्टी एनडीए के साथ जाएगी या नहीं इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है.

बिहार चुनाव से पहले पार्टी का अगला कदम क्या होगा इसका फैसला लेने के लिए उनकी पार्टी ने मांझी को अधिकुत किया है. बताया जा रहा है कि अभी बिहार में और भी उथल-पुथल हो सकती है.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि मांझी और नितीश कुमार के बीच बातचीत तय हो गई है. आगामी चुनाव में उन्हें जेडीयू कोटे से 7-10 टिकट मिल सकते हैं.

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