भारत एक संस्कृति प्रधान देश है, जिसकी मूल भावना ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की है। जहाँ हर व्यक्ति एक-दूसरे की मदद करने के लिए तत्पर रहता है।

24 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मैं नहीं हम’ ऐप लांच किया और साथ ही साथ देश और दुनिया को मिल-जुलकर काम करने का सन्देश दिया। लेकिन P.M. मोदी का यह सपना तब तक साकार नहीं हो सकता जब तक लोग आगे आकर समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने का प्रयास नहीं करेंगे और जब तक लोग एक-दूसरे की मदद नहीं करेंगे परन्तु यह भी एक सत्य है कि अगर समाज को तेजी से आगे बढ़ाना है तो युवाशक्ति को आगे आना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी का यह सन्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में इस समय विश्व की सबसे बड़ी युवाशक्ति है और युवा अपनी नयी सोच, ऊर्जा, लगन और मेहनत से किसी भी समाज और देश की स्थिति में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते है।

ऐसे ही युवाओ का एक समूह ‘जय हो फ्रेंड्स फाउंडेशन’ अपनी नई सोच के साथ के साथ उन्नाव (उत्तर प्रदेश )जिले में स्थित शुक्लागंज नगर में बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है। यह फाउंडेशन अपने साथियो के साथ मिलकर नगर में साफ-सफाई से लेकर गरीब बच्चो को उनके घरो से लाकर निःशुल्क शिक्षा देने तक का कार्य बखूबी रूप से कर रहा है ताकि वे बच्चे शिक्षित होकर अपना भविष्य बना सके और नए भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सके।

करीब 5 महीने पहले मुझे इस संस्था की जानकारी हुई तो इस फाउंडेशन के बारे में और अधिक जानने की उत्सुकता पैदा होने लगी। अपनी इसी उत्सुकता के कारण इस फाउंडेशन के बारे जानकारी प्राप्त की तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। बाद में अपने एक मित्र के जरिये इस फाउंडेशन के संस्थापक जय सिंह जी और उनकी  टीम से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनसे बात करने पर पता चला कि इस फाउंडेशन की नीव 23 मार्च 2017 को जय सिंह उनकी शिष्या रचना और 5 अन्य साथियो ने मिलकर रखी थी।

इस फाउंडेशन ने सफाई अभियान के साथ अपना सफर (कार्य) शुरू किया और उसके बाद गरीब बच्चो को निशुल्क पढ़ाना, उनके लिए निशुल्क पाठ्यसामग्री उपलब्ध करवाने से लेकर जागरुकता रैली फिर वो चाहे स्वछता रैली हो या बाल दिवस पर आयोजित मधुमेह जागरूकता रैली सभी कार्यो में संस्था ने अपना सर्वोच योगदान दिया है।

जय हो फ्रेंड्स फाउंडेशन के कार्यो को देखकर अन्य युवा भी इस फाउंडेशन से जुड़ने लगे और अपना योगदान देने लगे फिर क्या था ‘लोग जुड़ने लगे और कारवां बढ़ता गया’। आज यह फाउंडेशन अपने स्वरुप को बढ़ा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को आगे बढाया जा सके।

संस्था के कार्यो को देखकर उसे शब्दों में पिरोना ही काफी नहीं है क्योंकि यह सिर्फ एक संस्था ही नहीं है बल्कि यह एक सोच है। एक ऐसी सोच जिसके अंदर समाज के पिछड़े लिए पीड़ा और समाज को आगे ले जाने का जज्बा है। यह पीड़ा इसलिए भी है क्योंकि इससे जुड़ने वाले सदस्य भी ऐसे ही विपरीत परिस्थितियों से निकलकर आगे आये है। इस फाउंडेशन में हर उस व्यक्ति का स्वागत है जिसके अंदर दूसरो को कुछ देने और समाज को आगे बढ़ाने का जज्बा हो।

ये शब्द और संस्था का हमारे वेबसाइट अखबार टाइम्स से कोई लेना देना नहीं है, ये शुक्लागंज (उन्नाव) में संचालित एक संस्था है, जो अच्छा काम कर रही है, हमने इस संस्था के लोगों से मिलकर इनकी इस मुहिम में साथ देने का आश्वाशन दिया, एक प्रयास अखबार टाइम्स भी कर रहा है, कि इस तरह के लोग और संस्था सामने आये. अखबार टाइम्स आपसे वादा करता है कि आपके इस नेक काम में भागीदार बनेगा.

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