कांग्रेस की पूर्व सांसद अनु टंडन को रेल रोकने के मामले में दोषी करार दिया गया है. एमपीएमएलए के विशेष जज पवन कुमार राय ने धरना प्रदर्शन के दौरान रोकी गयी ट्रेन मामले में अपना फैसला सुनाया है. उन्होंने उन्नाव के तत्कालीन कांग्रेस जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण यादव, शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला व युवा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अंकित परिहार को भी दोषी करार दिया है.

जज ने अनु टंडन समेत सभी अभियुक्तों को दो-दो साल की सजा सुनाई है. साथ ही प्रत्येक अभियुक्तों को 25-25 हजार की क्षतिपूर्ति भी अदा करने का आदेश दिया है. कानूनी प्रावधानों के तहत सभी अभियुक्तों की जमानत भी मंजूर कर ली.

12 जून 2017 को इस मामले की शिकायत आरपीएफ ने दर्ज कराई थी. उन्नाव स्टेशन के पूर्वी किनारे पर बने ओवरब्रिज के पास कांग्रेस का बैनर व झंडा लिए प्रदर्शनकारी खड़े थे. उसी समय गाड़ी संख्या 181191 प्लेटफार्म नंबर 2 पर आ रही थी. गाड़ी को आता देख प्रदर्शनकारी लाइन नंबर 2 पर खड़े हो गए. भीड़ को लाइन पर खड़ा देखकर चालन ने ट्रेन को प्लेटफार्म से पहले ही रोक लिया.

गाड़ी के रुकते ही प्रदर्शनकारी इंजन पर चढ़ गए, जिन्हें बाद में समझा-बुझाकर उतारा गया. इस प्रकरण एन ट्रेन 12 मिनट प्रभावित हुई. विवेचना के बाद उन्नाव आरपीएफ के उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार यादव ने अभियुक्तों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 174(ए) में आरोप पत्र दाखिल किया था. दो अगस्त 2018 को अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुकदमे का विचारण शुरू किया.

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