किसानों के हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा है. सिस्टम की जटिलताओं से आहत होकर सहारनपुर जिले के एक किसान ने अपनी किडनी बेचने के ही पोस्टर लगवा दिए. जिसकी वजह किसान ने कर्ज में दबे होना बताई है. वहीँ सहारनपुर के मंडलायुक्त संजय कुमार का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.

जिले के सरसावा क्षेत्र के सतरसाली गांव निवासी रामकुमार ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण लिया था.

उनके पास प्रशिक्षण का प्रमाण-पत्र भी है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें किसी सरकारी बैंक से लोन नहीं मिला. जिसके बाद उन्होंने रिश्तेदारों और परिचितों से कर्ज लेकर पशु खरीदे और उनके लिए शेड बनवाया.

अब कर्ज देने वाले उनसे ब्याज सहित पैसा मांग रहे हैं. उनका दावा है कि यह कर्ज लौटाने के लिए उनके पास धन नहीं है. कहा दबाव उन पर बढ़ रहा है, ऐसे में किडनी बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया. इसलिए किडनी बेचने के पोस्टर लगाए हैं.

मंडलायुक्त संजय कुमार का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में आया है. जांच की जाएगी कि किस आधार पर किसान राम कुमार को बैंक ने ऋण वितरण नहीं किया.

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