मेरठ से पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनकी पत्नी महापौर सुनीता वर्मा को बसपा से निष्कासित किए जाने के बाद से ही पार्टी में खलबली मची हुई है. हाल ही में तीन और पार्षदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ने पार्षदों को लेकर गलत बयान दिया है. गौरतलब है कि योगेश वर्मा मायावती के करीबी माने जाते रहे हैं. उनकी वोटरों में अच्छी पकड़ है.

योगेश और सुनीता के बसपा के निष्कासन के बाद से ही बसपा में इस्तीफा देने वालों की बाढ़ सी आ गई है. निष्कासन के बाद से ही उनके पक्ष में 17 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है. गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ने कहा था कि पार्षदों के पार्टी से बाहर जाने के कारण पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. पिछले दो दिनों में तीन और पार्षदों ने पार्टी को  छोड़ने का फैसला किया.

महापौर आवास पर पहुंचे पार्षदों ने कहा कि जब बसपा सुप्रीमों मायावती का जन्मदिन होता है तब ही इउन लोगों को यादन किया जाता है. इसके बाद उनको पार्टी में पूछा भी नहीं जाता है. महापौर सुनीता वर्मा ने दावा किया है कि पार्टी ने हमारे साथ विश्वासघात किया है और हमें पार्टी से गलत तरीके से निकाला गया है.

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