चुनाव से पहले हुआ गठबंधन चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही टूटा, अब मायावती की है ये रणनीति

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हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमों मायावती ने आईएनएलडी से गठबंधन किया था, लेकिन चुनाव से पहले ही उन्होंने आईएनएलडी से नाता तोड़ लिया है. उन्होंने साफ़ किया है कि वह अपनी शर्तों पर ही समझौता करेंगी. बसपा सुप्रीमों इन दिनों लखनऊ में हैं और संगठन को मजबूत बनाने पर पूरा जोर लगा रही हैं.

उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है, जिसमें पार्टी पूरे दमखम के साथ उरने की तैयारी में है. यही वजह है कि उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही करदी गयी, जिससे उम्मीदवार क्षेत्र में जाकर चुनावी प्रचार में पूरी क्षमता के साथ जुट सकें.

बसपा अध्यक्ष मायावती की नजरें दूसरे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी हैं. उन्होंने राज्य प्रभारियों के साथ बैठक कर उन्हें अपने-अपने राज्यों के संगठन को मजबूत करने और जिताऊ उम्मीदवारों के चयन के लिए अभी से जुट जाने के निर्देश दिए हैं.

साथ उनके द्वारा ये भी निर्देश दिया गया है कि राज्य प्रभारी अपने राज्यों में एक महीने में कम से कम 15 दिन कैंप को अनिवार्य रूप से करें.

बीते लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बसपा-सपा और रालोद का गठबंधन हुआ था. हालांकि ये प्रयोग सफल नहीं रहा. बसपा को 10 और सपा को 5 सीटें मिली थीं. नतीजों के बाद बसपा अध्यक्ष मायावती गठबंधन से अलग होने की घोषणा करदी थी.

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