उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तारीफ करना भाजपा नेता आईपी सिंह को महंगा पड़ गया. पार्टी ने एक्शन लेते हुए उन्हें 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया. पार्टी से निकाले जाने के बाद उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट करके अपने दिल की भड़ास निकाली.

उन्होंने लिखा कि अभी मीडिया के मित्रों से ख़बर मिली की भारतीय जनता पार्टी ने मुझे छः वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। वही पार्टी जिसे मैंने अपने जीवन के तीन दशक दिए, एक धरतीपकड़ कार्यकर्ता की तरह जन सरोकार की राजनीति की, ढह चुके आंतरिक लोकतंत्र के बीच ‘सच बोलना’ जुर्म हो चुका.

उन्होंने कहा मैं अटल जी के साथ पैदल चला, आडवाणी जी के साथ यात्रा में आगे खड़ा रहा, लक्ष्मीकांत जी के साथ पार्टी के लिए सैकड़ों बार अनशन पर बैठा, मेरा पूरा राजनीतिक जीवन संघर्ष से भरा रहा और यह संघर्ष आजीवन चलेगा।आज पार्टी को मुझ जैसे ‘कार्यकर्ता’ की नहीं सुनील बंसल जैसे ‘मैनेजर’ की ज़रूरत है.

आज आंतरिक भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भारतीय जनता पार्टी में मेरी मैराथन पारी का अंत हुआ,जाते जाते मैं माननीय योगी जी को शुभकामनाएँ देना चाहूँगा। सूपर CM ‘सुनील बंसल’ के राज में वो कैसे जी रहे हैं ये सिर्फ़ वही जानते हैं, सब कुछ देख कर भी अनदेखा करना पड़ता है।

बता दें कि कल अखिलेश यादव के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के एलान के बाद बीजेपी नेता आईपी सिंह ने उनके वहां से चुनाव लड़ने का स्वागत किया. ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा था कि माननीय अखिलेश यादवजी का आजमगढ़ पूर्वांचल से लोकसभा का चुनाव लड़ने की घोषणा होने के बाद पूर्वांचल की जनता में खुशी की लहर, युवाओं में जोश, आपके आने से पूर्वांचल का विकास होगा. जाति और धर्म की राजनीति का अंत होगा, मुझे खुशी होगी यदि मेरा आवास भी आपका चुनाव कार्यालय बने.

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