कानपुर के बिकरू गांव और उसके आसपास आतंक का पर्याय बने कुख्यात अपराधी विकास दुबे का आज अंत हो गया. जिस तरह विकास दुबे का एनकाउंटर हुआ उसे लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि अक्सर अपराधी का अंजाम यही होता है.

विकास दुबे के खात्मे की खबर आने के बाद बिकरू गांव के लोगों ने खुशियां मनाई और मिठाइयां बांटी. गांव के लोगों का कहना है कि आज ऐसा महसूस हो रहा है जैसे हमें आजादी मिल गई हो. उन्होंने कहा कि आज हम बहुत खुश हैं. लोगों ने कहा है कि बुरे काम का नतीजा बुरा ही होता है. ये बात हर अपराधी को समझनी चाहिए.

बता दें कि विकास को कल बेहद नाटकीय ढंग से उज्जैन के महाकाल मंदिर से मध्यप्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था. विकास दुबे की गिरफ्तारी से लेकर एनकाउंटर पर अब सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि विकास की गिरफ्तारी के बाद यूपी एसटीएफ उसे मध्यप्रदेश से कानपुर ला रही थी.

पुलिस के अनुसार कानपुर के बेहद करीब विकास को ला रही गाड़ी अचानक पलट गई. इसके बाद विकास दुबे ने पुलिस से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया. जानकारी के मुताबिक घटना सचेंडी थाने से तकरीबन एक किलोमीटर आगे की है.

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