सीटों के बटवारे के बाद से ही उपेन्द्र कुशवाहा एनडीए गठबंधन से नाराज चल रहे थे, इसके बाद से तो पार्टी गठबंधन के खिलाफ भी आ गए थे. वह राजद के नेता तेजस्वी यादव से भी मिलने गए थे. इसके बाद उन्होंने आर पर की लड़ाई के संकेत दे दिए थे.

अभी हाल में ही नीतीश कुमार ने नीच कहकर कुशवाहा को संबोधित कर दिया दिया था, जिसके बाद बिहार की राजनीति में भूचाल सा आ गया था. उपेन्द्र कुशवाहा ने नीतीश जुमार को खूब खरीखोटी सुनवाई थी.

उन्होंने अमित शाह से मिलने के लिए वक़्त भी माँगा था लेकिन समय न मिलने पर उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. मुलाक़ात ना होने पर नितीश कुमार को सबक सिखाने के मूड में दिख रहे रालोसपा सुप्रीमो शरद यादव के निवास पर पहुंच गए. शरद यादव से लम्बी बातचीत के दौरान सकारात्मक बातें निकल कर स्दामने आई. बकौल कुशवाहा महागठबंधन में संतोषजनक सीटें मिलने पर वह एनडीए गठबंधन को छोड़ सकते है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनडीए गठबंधन जो एक सीट रालोसपा को देने के लिए राजी हुआ था अब उस पर भी ग्रहण लग गया है, यानि अब कुशवाहा की पार्टी को कोई सीट नहीं दी जायेगी. इसके पहले जदयू रालोसपा की पार्टी के दो विधायकों को तोड़ चुकी है. बचे खुचे एक सांसद की भी ख़बरें मिल रही है कि वो भी पार्टी छोड़ सकते है. इसके बाद उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी में केवल और केवल कुशवाहा ही बचेंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here