उत्तर प्रदेश में रेड लाइट एरिया को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दे दिया है. कोर्ट ने ये आदेश मेरठ में चल रहे रेड लाइट एरिया के मामले में सुनवाई करते हुए दिया है. कोर्ट ने मेरठ प्रशासन के झूठे हलफनामे पर सख्ती दिखा दी है.

कोर्ट ने कहा है कि यूपी में मेरठ सहित सभी जिलों में चल रहे रेड लाइट एरिया को बंद किया जाए. यही नहीं कोर्ट ने झूठा हलफनामा दाखिल करने वाले अधिकारियों के निलंबन का भी आदेश कोर्ट ने जारी कर दिया.

मेरठ में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के सीओ संजीव देशवाल और जिला उद्धार अधिकारी ने झूठे शपथ पत्र दाखिल किए थे। कबाड़ी बाजार इलाके में 52 भवनों में करीब 75 से ज्यादा कोठे संचालित किए जा रहे हैं। इन कोठों पर देह व्यापार होने की बात कहते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की हुई थी।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दाखिल हलफनामे पर सख्त रुख अपनाकर 30 अप्रैल को रिपोर्ट दाखिल करने के साथ ही शासन को दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश जारी किए. अधिकारियों की ओर से कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया गया था कि रेड लाइट एरिया बंद कराया गया और अब देह व्यापार नहीं चल रहा है.

जिस पर हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने रिपोर्ट झूठी बता दी. अधिवक्ता सुनील चौधरी की याचिका पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर रही है

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