अपराधी विकास दुबे का राजनीतिक इतिहास भी चौंकाने वाला है, उसका किरदार बस इतना जानिए कि जिस पार्टी की सूबे में सरकार हो, वो उसको ही अपना साथी बना लेता था. लेकिन सबसे ज्यादा उसको राजनीतिक पकड़ बसपा की सरकार मिली.तब से लेकर ही वह सपा और भाजपा के प्रमुख नेताओं के संपर्क में रहा.

लेकिन भाजपा के एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की वजह से भारतीय जनता पार्टी में उसकी घुसपैठ पिछले दो साल से नहीं हो पा रही थी. इसको लेकर विकास ने दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई संपर्क निकालने की कोशिश की लेकिन उसकी घुसपैठ बीजेपी में नहीं हो पाई.

वो इस प्रयास में अभी लगा हुआ था, घुसपैठ का सीधा मतलब ये था कि वो अपनी सुरक्षा कर सके और काले कारनामों को छिपा सके. इससे अलग राजनीतिक पैठ बनाने के लिए विकास दुबे साल 2022 में बीजेपी या बसपा से चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहा था.करीबी सूत्रों की मानें तो वह इस बार रनिया से बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में था.

विकास दुबे रनिया का रहने वाला था, वो पहली बार उस समय चर्चा में आया जब शिवली में जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक से झगड़ा होने के बाद उसने जान तक ले ली थी. इसके बाद कुछ बसपा नेताओं के बल पर पुलिस से अपना बचाव भी कर लिया.

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