नागरिकता संशोधन विधेयक ऐतिहासिक कदम नहीं बल्कि ऐतिहासिक भूल साबित होगाः अखिलेश यादव

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नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर देश की संसद से लेकर सड़क तक संग्राम मचा हुआ है. कोई इसे देश को जोड़ने वाला तो कोई बांटने वाला बता रहा है. सबके अपने अपने तर्क हैं और अपनी अपनी दलीलें. कांग्रेस, सपा, बसपा, एआईएमआईएम, टीएमसी, राजद सहित तमाम विपक्षी पार्टियां इस बिल के विरोध में हैं तो बीजेपी और उसके सहयोगी दल इसके समर्थन में हैं.

समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस बिल को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भाजपा के कैब जैसे कदम ऐतिहासिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक भूल साबित होंगे.

बता दें कि भाजपा इस बिल को देश के लिए ऐतिहासिक बता रही है. इससे पहले कल लोकसभा में इस बिल पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह और सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोक हुई.

एक स्थिति ये भी आई जब अमित शाह ने अखिलेश से पूछा कि क्या आप पाक अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते. बिल पेश करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इसमें भारतीय सीमा से लगते तीन देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्र’ताड़ित होने वाले छह अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी.

इस दौरान शाह ने कहा कि अफगानिस्तान की 106 किलोमीटर की सीमा भारत से लगती है. इस पर अखिलेश यादव ने बार-बार प्रश्न उठाया कि किस इलाके में यह सीमा लगती है. जिस पर शाह ने कहा कि अखिलेश जी रहने दीजिये, यह आपकी समझ में नहीं आएगा. क्या आप पीओके को भारत का हिस्सा नहीं मानते?

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