Image credit- social media

समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन से डरी भाजपा सरकार अब उनके प्रति बदले की भावना से काम कर रही है.

अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को मुश्किल में डालकर भाजपा सरकार अपनी खीझ उतार रही है. खेती-किसानी में खाद, बीज और बिजली की जरूरत के बारे में सभी जानते हैं. भाजपा सरकार ने खाद के दामों में वृद्धि के साथ बिजली के रेट बढ़ाने की भी तैयारी कर ली है. बीज के दाम तो पहले से बढ़े हैं, उनकी अनुपलब्धता और खराब बीजों की सप्लाई की भी शिकायते आम हैं.

उन्होंने कहा कि डीएपी खाद के दामों में अचानक फिर बढ़ोत्तरी कर दी गई है. यह बाजार में 3800 रू में मिल रही है. एनपीके के दामों में भी बढ़ोत्तरी हो गई है. बीज, कृषि यंत्र, डीजल, बिजली के दामों की बढ़ोत्तरी से टूटे किसान को इस तरह और तोड़ दिया गया है. उपज का सही दाम नहीं मिलने से लगातार हो रहे घाटे के बीच डीएपी की बोरी के दाम बढ़ा देना अन्नदाता पर आर्थिक अत्याचार से कम नही है.

सपा मुखिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विद्युत नियामक आयोग किसानों और आम उपभोक्ता पर ज्यादा से ज्यादा विद्युत व्यय भार बढ़ाने में गतवर्ष से ही लगा है. पहले उसके जिस स्लैब परिवर्तन को खारिज कर दिया गया था उसे ही वह बिजली कम्पनियों के हित में लागू कराने की फिर साजिश कर रही है.

अखिलेश ने कहा कि सच पूछिए तो भाजपा राज में किसान को इतना पीड़ित किया जा रहा है कि वह खेती किसानी से ही तौबा कर ले. वैसे भी कृषि क्षेत्रफल घटता ही जा रहा है. क्रय केन्द्रों पर गेहूं का अम्बार लगा है लेकिन उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा है. चिलचिलाती धूप में लम्बी-लम्बी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसान को कहीं ई-पास तो कहीं बोरा न होने पर बैरंग लौटा दिया जाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here